हममें से अधिकतर लोगों का बचपन ऐसा रहा होगा कि हमें खिलौने और खेलने के कई सामान उपलब्ध थे। लेकिन क्या कभी आपने सोचा है कि उन बच्चों का बचपन कैसे बीतता होगा, जिनेके माता-पिता के पास खिलौने खरीदने तक के पैसे नहीं होते। ऐसे बच्चों को खिलौने देकर उनके चेहरे पर मुस्कान लाने का काम कर रहे हैं कोलकाता के रहने वाले 17 वर्षीय आर्यमान लखोटिया। आर्यमान घर-घर जाकर लोगों के यहां से खिलौने इकट्ठे करते हैं और उन्हें फिर गरीब बच्चों में बांट देते हैं।


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